शायद ये कोहरा है जो घना हो गया है या मेरे चश्मे का नम्बर बढ गया है। ये अचानक पत्थर पैरो मेँ खून दिखा तो पता चला कोई कम्बख्त काँटा न जाने कब से हमारे स्वागत मेँ आँखेँ बिछाये बैठा है।