मैं तुझसे नाराज़ हो जाऊं ये कोई खता तो नहीं और इसकी वही वजह हो जो तू समझे यह ज़रूरी तो नहीं   पर फिर कभी सींचता हूँ तेरी पेशानी की वो शिकन मेरी ही वजह से हो यह भी कोई ज़रूरी तो नहीं