न घर के ना घाट के


इनका भोला बचपन भी क्या किस्मत लेकर आया है

जिनके वापस आने पर घर में मातम छाया है

ये नन्हे कमाऊ पूत जो माँ बाप पे भारी पड़ते थे

अब उनके हितैषी दलालों को भारी लगने लगे हैं