कुछ याद उन्हें भी कर लो


सुना था

सान्टा क्लास साल में एक दिन आता है

पर अपना वाला तो रोज सुबहआता है

दूध,सब्जी,अन्डे की मुराद पूरी कर जाता है

गुमनाम,चुपचाप,अंधेरे में बिना हमे जगाये


सान्टा तो आता है ढेर सारे कपड़े पहने

अपनी बग्गी पर

पर आज का सान्टा कैसे आता है

किसी ने न देखा न समझना चाहा


रात को खाली थैला बाहर रख कर आना

और सुबह आंख खुलते ही भरा हुआ पाना

किसी चमत्कार से कम तो नहीं


कहीँ से भी,कितनी दूर से भी

कुछ भी,कहीं भी, पहुचाने वाले को

कुछ लोग हनुमान कहते हैं


सर्दी,गरमी,तूफान या बरसात में

लाकडाउन या लाकआउट में

बिना सवाल पूछे हुक्म मानने वाले

को अल्लादीन का जिन्न मानने वाले

क्या गलत हैं?

सोचने वाली बात!