अपनी जान दे कर हमारी जान की कीमत समझा गया कोई
बन्द कमरों की रूहों को खुली हवा की कीमत बता गया कोई
चकाचौंध से जगमगाते शहर को आइना दिखा गया कोई
मुर्दाघरों में कैद लाशों को जिन्दगी के लिये तड़पा गया कोई


अपनी जान दे कर हमारी जान की कीमत समझा गया कोई
बन्द कमरों की रूहों को खुली हवा की कीमत बता गया कोई
चकाचौंध से जगमगाते शहर को आइना दिखा गया कोई
मुर्दाघरों में कैद लाशों को जिन्दगी के लिये तड़पा गया कोई