हाथ में हाथ है मन में विस्वास है
फिर ये मुस्किल तो पल में गुजर जाएगी...
तुम मेरे पास हो अब वो दूरी नहीं
फिर ये तड़पने कि आदत सुधर जाएगी...
इश्क़ में धड़कनों पर भरोसा रखो
आँख शरमायेगी फ़िर मुकर जाएगी...
छोड़ दो साथ ग़र तोड़ दो हर कड़ी
फ़िर तो तन्हाई में सब उमर जाएगी...