उस रात की बात से, वो डर गया होगा
कहीं जाकर अंधेरे में, वो मर गया होगा
दिखता नहीं है आजकल, वो किसी को भी
सब सोचते हैं गांव में, शहर गया होगा
मतलब के इस शहर में, मतलब ही किसे है
ताला बंद देखा तो, समझे घर गया होगा
क्या काम थे ऐसे, जो वो कर गया होगा
कि अपनी नजरों से ही वो, गिर गया होगा
ग़र साथ देता कोई, तो शायद लौट आता वो
मगर भूल कर रस्ता, वो किधर गया होगा
बड़ी मुश्किल से आखिरी वो, पहर गया होगा
धीरे से पूरे जिस्म में, फैल जहर गया होगा