जाति धर्म भाषा से बांटा अब है बात विचारों की तुम भी बांटो हम भी बांटें बांट बांट कर खायेंगे...  गाय काटी सूअर काटी अब बारी इंसानों की तुम भी काटो हम भी काटें काट काट कर खायेंगे... गंध मचा रखी है हमने रिश्तों और जज्बातों में तुम भी थूको हम भी थूंकें चाट चाट कर खायेंगे... भारत मां के लाल हैं दोनों तुम भी लूटो हम भी लूटें लूट लूट कर फिर हम दोनों छांट छांट कर खायेंगे...