यारी रही,

खुमारी रही।

 

इश्क़ में उसके,

इक खुद्दारी रही।

 

रुखसत हुआ जब,

तो कुछ यूँ कर गया।

   

दिल तो रहा,

पर दिलदारी ना रही।

 

- अज़ल