सब लुटाया उसके दर पे तो आबाद हुए,जिसको समझा था ग़ुलामी, की तो आज़ाद हुए।इस फरेबी दुनिया पे अरसे तक ऐतबार रहा,जले उसकी इबादत में तो चराग़ से आफ़ताब हुए।
सब लुटाया उसके दर पे तो आबाद हुए,जिसको समझा था ग़ुलामी, की तो आज़ाद हुए।
इस फरेबी दुनिया पे अरसे तक ऐतबार रहा,जले उसकी इबादत में तो चराग़ से आफ़ताब हुए।