खुली आँखें तो सोना आया,पाने की ख़्वाइश में खोना आया।यादों की कफ़स में कुछ यूँ रहे,हसीं की हर बात पे रोना आया।
खुली आँखें तो सोना आया,पाने की ख़्वाइश में खोना आया।
यादों की कफ़स में कुछ यूँ रहे,हसीं की हर बात पे रोना आया।