तुम ही तो हो जो वहां अड़े रहते हो,

तुम ही हो जो हर मौसम में,

वहां डटे रहते हो,

यहां बारिश की बोछार भी होती है तो,

हम छिपा लेते है खुद को किसी आड़ में,

तुम सीना तान के रहते हो गोलियों की भी बोछार में ... 

#जयहिंद