आसार तो नहीं कुछ ऐसेकि बादल बरसेगा आजमगर जुल्फ़ों का उसकीकुछ पता नहीं कब घटा बन घिर आएं ...
आसार तो नहीं कुछ ऐसेकि बादल बरसेगा आज
मगर जुल्फ़ों का उसकीकुछ पता नहीं कब घटा बन घिर आएं ...