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तेरे साथ


किसी राह पे तुम खुद को तन्हा न पाओगेहर कदम साथ अपने मुझे पाओगे

थक जाओगे तुम कभीतो उठा के बाहों में तुमको चलूंगा

सफ़र कितना भी लंबा हो, न थकूंगातेरा ख्याल तो मैं सफ़र क्या

मंज़िल पे भी रखूंगातेरे साथ हर कदम बस चलूंगा...

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