और दूर कितनाअब तनहा जाऊंगा मैंभूलने लगा हूं रास्तेऔर कुछ थक सा भी गया हूंकुछ खो चुका हूं पहले हीबाक़ी भी बस जल्द खो ही जाऊंगा मैंकाश थाम लेते तुमबचे हुए थोड़े से सफ़र में आके हाथ ...
और दूर कितनाअब तनहा जाऊंगा मैं
भूलने लगा हूं रास्तेऔर कुछ थक सा भी गया हूं
कुछ खो चुका हूं पहले हीबाक़ी भी बस जल्द खो ही जाऊंगा मैं
काश थाम लेते तुमबचे हुए थोड़े से सफ़र में आके हाथ ...