तकाज़ा अब मुहब्बत का वो नहीं रहाऐ दिल अब प्यार टूट के नहीं किया करतेकिसी को बस चाहते हैं तो मतलब तकज़िंदगी भर का वादा नहीं किया करते ...
तकाज़ा अब मुहब्बत का वो नहीं रहाऐ दिल अब प्यार टूट के नहीं किया करते
किसी को बस चाहते हैं तो मतलब तकज़िंदगी भर का वादा नहीं किया करते ...