काश कुछ तो तब्दील हो जातामेरी लकीरों में जो लिखा थाउम्र भर लगा रहा था मैंरेखाओं की उधेड़ बुन में ।
काश कुछ तो तब्दील हो जातामेरी लकीरों में जो लिखा था
उम्र भर लगा रहा था मैंरेखाओं की उधेड़ बुन में ।