मेरे ही नशेमन से होके गुजरते हैं सारे तूफान
कच्चा मकान है मेरा बादल भी ये जानते हैं
फिर भी वहीं रह रह के बरसते है
जाने क्या रंज सारी कायनात को मेरे घर से है
क्या शहर के पक्के मकानों से
और दौलत से उनकी ये भी डरते हैं ...

मेरे ही नशेमन से होके गुजरते हैं सारे तूफान
कच्चा मकान है मेरा बादल भी ये जानते हैं
फिर भी वहीं रह रह के बरसते है
जाने क्या रंज सारी कायनात को मेरे घर से है
क्या शहर के पक्के मकानों से
और दौलत से उनकी ये भी डरते हैं ...