
ऐ बारिश काश तू कुछ समझदार होती
जहां होनी थी जितनी उतनी ही वहां होती
कब बरसना था कहां, वक़्त का पता होता तुझे कुछ
कुछ तुझे लोगों की जरूरत पता हो
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ऐ बारिश काश तू कुछ समझदार होती
जहां होनी थी जितनी उतनी ही वहां होती
कब बरसना था कहां, वक़्त का पता होता तुझे कुछ
कुछ तुझे लोगों की जरूरत पता हो