मुतमइन हो गया था बहुतउसकी बाहों में जाके,भूल गया था जमाने भर के गमघुल रही थी जब सांसे मेरी उसकी सांसों से जाके ...
मुतमइन हो गया था बहुतउसकी बाहों में जाके,
भूल गया था जमाने भर के गमघुल रही थी जब सांसे मेरी उसकी सांसों से जाके ...