रातों को जागता रहता हूं
खुद से ही बातें करने लगा हूं
भूल जाता हूं सब कुछ अब
तेरा ही ख्याल हर पल करने लगा हूं
मुहब्बत का तेरी असर अब,
साफ दिखने लगा है जमाने को ...


रातों को जागता रहता हूं
खुद से ही बातें करने लगा हूं
भूल जाता हूं सब कुछ अब
तेरा ही ख्याल हर पल करने लगा हूं
मुहब्बत का तेरी असर अब,
साफ दिखने लगा है जमाने को ...