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लड़खड़ाना


लड़खड़ाने लगा हूं सपाट रास्ते पे भी आज कल,लगता है फिर से चलना सीखना पड़ेगा,

मगर उंगली पकड़ कर चलूं किसकी अब,छोटा था सब हाथ पकड़ लिया करते थे मेरा ...

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