तिरंगे को जहां में फहराएंगे 

लहू बहे पसीना बनके मैदानों में

हम ना कतराएंगे 

हमने ठाना है हम करके दिखलाएंगे

ये जीवन देश के लिए ही है अब 

देश के लिए जीते ही जाएंगे ...