बहुत दूर दूर रहती हैं,
ये खुशियां जाने क्यूं मुझसे खफा सी रहती हैं,
आके ज़रा कभी मेरे गमों से पूछों,
कैसे रखता हूं उन्हें दिल से लगा के ...


बहुत दूर दूर रहती हैं,
ये खुशियां जाने क्यूं मुझसे खफा सी रहती हैं,
आके ज़रा कभी मेरे गमों से पूछों,
कैसे रखता हूं उन्हें दिल से लगा के ...