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इब्तिदा


जब जब जी कराइक नई इब्तिदा हो

आके इंतेहाओं ने कुछमेरा हाथ थाम लिया

क्या करता रिश्ता था पुरानामैंने भी फिर कुछ शुरू नहीं किया ...

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