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फ़िराक


सोचा नहीं था फ़िराक यूं कटेगा मेराखुद ही कुरेदेंगे अपने जख़्मों को हम

जब भी खुश्क होने लगेंगी आंखेंजब भी दर्द होने लगेगा कम ...

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