इक पुरानी दीवार सा हो गया हूं मैं

झड़ चुका है सारा पलस्तर

लाल पीली ईंटें सीलन पकड़ी हुई 

साफ दिख रही हैं

चिनाई का आधा मसाला भी

रेत बन के गिर चुका है

कुछ ईंटें भी आधी ही बची हैं

बस अब एक ठोकर और बारिश का इंतज़ार है

ढह ही जाऊंगा इस बार ...