किस बात पे रोशन करूं मकान अपना

किस बात पे चिराग जलाऊं

किस बात की दीवाली

किस बात पे ईद मनाऊं

जो था खुशी चला गया है रूठ के

बता कैसे उसे मना के घर मैं ले आऊं ...