वो तोड़ देते हैं वादा हर इक करके,
ऐतबार क्यूं कर है दिल फिर भी तुझे उन पे,
मुझे भी तो बता इस यकीं का सबब,
कुछ मैं भी कर लूं शायद फिर ऐतबार उन पे...


वो तोड़ देते हैं वादा हर इक करके,
ऐतबार क्यूं कर है दिल फिर भी तुझे उन पे,
मुझे भी तो बता इस यकीं का सबब,
कुछ मैं भी कर लूं शायद फिर ऐतबार उन पे...