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आग


जलते रहें आग में जो रात भरमेरे कई ख़्वाब थे

कुछ उम्मीदें भी थीकुछ मेरे सवाल

कुछ आपके जवाब थेआपसे ही बाबस्ता था सब

आप थे मुझमें हर जगहहर ख्वाहिश में मेरी आप थे ...

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