#1: सच ही कहा है किसी ने यह दुनिया बहुत छोटी है | बहुत कोशिश की मगर, उसकी तरह छोटा ना बन पाया || #2: कोरे काग़ज़ पर भी कुछ शब्द बसते हैं हम बस उन्हें पढ़ नहीं पाते |