अंदाज बरेली के, ठेठ मिज़ाज
लहजा मासूम, बेखौफ़ आवाज़
तेज कलम, तेज रफ्तार
लिखने को है ये बेकरार
लिखती है ये शानदार...!
बात बात में हो जाती है
कुछ लिखने को तैयार...!
कलम मेरी साहब रहती है
तत्पर तैयार...,
इसलिए मुझे है अपनी
कलम से प्यार...! ❣️


अंदाज बरेली के, ठेठ मिज़ाज
लहजा मासूम, बेखौफ़ आवाज़
तेज कलम, तेज रफ्तार
लिखने को है ये बेकरार
लिखती है ये शानदार...!
बात बात में हो जाती है
कुछ लिखने को तैयार...!
कलम मेरी साहब रहती है
तत्पर तैयार...,
इसलिए मुझे है अपनी
कलम से प्यार...! ❣️