पेशन्स (patience) बहुत है मुझमें ऐ किस्मत मेरी
तेरे हर वार के बाद मरहम लगा लेता हूं
सो रही है तु चमकना छोड़कर
पर मैं भी रोज तेरे चमकने की उम्मीद जगा लेता हूं।
तु कन्फ्यूज (confuse) बहुत करती है मुझको
कभी दूर होकर, कभी साथ दे कर
और इसी चक्कर में मैं
अपनी मुश्किलें भूला देता हूं।
यह तेरा स्वैग (swag) ही है कि
तेरे पैंतरों में ख़ुदको उलझा लेता हूं
पर मेरा एटिट्यूड (attitude) भी देख कि
तेरे बदलने से पहले मैं अरमान बदल लेता हूं।
- अमित 'तन्हा' (c)

