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मेरे तो शून्य थे.....


चलो मानाकि मेरे अपनेशून्य निकलेपर ‌तुम्हारेक्यों शून्य से भी न्यूनतम सेहर क्षण तुम्हें कचोटते,तुम्हारे गर्व को निम्न करतेछल रहे थे, तुम्हेंतुम्हारे अपने.....शून्य से भी निम्न निकलेमेरे तो शून्य थेशून्य ही निकले- अमित 'तन्हा'#aloof

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