स्वार्थ और बेईमानी's image
Share0 Bookmarks 63996 Reads0 Likes

दोस्ती का दम भरते हैं वफादारी की कसमें खाकर, 

पीठ पीछे गैरों के सामने अपनों के राज खोलते हैं.... 


जुए और शराब में फूंक देते हैं रोज लाखों-करोड़ों, 

गरीब की मजदूरी देने के नाम पर जेबें टटोलते हैं... 


मजबूरी क

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts