हसरतों और मसरूफियतों की कश्मक़श में
दिनों-रात है दिल नासाज़ रहता ,
एक सुकून है जो दिल ढूंढ़ता है,
एक जूनून है जो सोने नहीं देता


हसरतों और मसरूफियतों की कश्मक़श में
दिनों-रात है दिल नासाज़ रहता ,
एक सुकून है जो दिल ढूंढ़ता है,
एक जूनून है जो सोने नहीं देता