सवाल अब भी वही है,घर आओगे, या रातें बाहर बिताओगे।अजीब प्यास है, इन सर्द रातों में भी,समझ जाओगे, या बस बहाने बनाओगे।
सवाल अब भी वही है,घर आओगे, या रातें बाहर बिताओगे।
अजीब प्यास है, इन सर्द रातों में भी,समझ जाओगे, या बस बहाने बनाओगे।