नारी's image
चाँद सा मुखड़ा भोली सी सूरत लगती सब को प्यारी किस्मत दे चमका जिसके भी है जाती दुःख सब के ले लेती खुद करती रौशन अपने कर्मो से अंधकार से भरे जग को परिवार के लिए जान अपनी कर देती है न्यौछावर अपनों क
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