बाँहों में किसी की दर्द बयान कर देना, ये सुकून नहीं तो क्या है, आँखों में देख किसी को अपना कहना, ये जूनून इश्क़ का है। स्पर्श किसी के हाथ का धड़कन बढा दे, उलझी हुई लटें सांसें थमाँ दे, उस हसीं चेहरे के दीदार को फिर तरसना, ये इश्क़ की इन्तेहाँ है।