उसका गुनाह क्या है? उस नन्ही सी जान को रोको मत, उसे आगे बढ़ने दो, उसपर अपना जीवन थोपो मत, उसे कुछ करने दो। उसके आगे टिकना सम्भव नही , उससे आगे निकलना मुमकिन नही, उसमे ही तुम्हारी शान हे, वो ही तुम्हारा अभिमान हे, वो ही सबसे बलवान हे, उससे ही सबका सम्मान है।