उसका गुनाह क्या है?
उस नन्ही सी जान को रोको मत,
उसे आगे बढ़ने दो,
उसपर अपना जीवन थोपो मत,
उसे कुछ करने दो।
उसके आगे टिकना सम्भव नही ,
उससे आगे निकलना मुमकिन नही,
उसमे ही तुम्हारी शान हे,
वो ही तुम्हारा अभिमान हे,
वो ही सबसे बलवान हे,
उससे ही सबका सम्मान है।