बरसात में,

फुटपाथ के रखवाले,

कहां जाते होंगे।


आंख भर,

नींद न सोने वाले,

मतवाले,

कहां जाते होंगे।


कुछ मंदीरों में,

बैठकर सोचते होंगे,

इसे गालियां दूं,

या इसका,

शुक्रीया अदा करूं।


वो ऐसा,

सोच भी,

सकते हैं,

क्युकी,

उनके पास,

खोने के लिए,

कुछ भी नहीं है,

सिवाय ज़िन्दगी के।


कुछ भुख की,

ज्वाला से,

भीगी जमीन,

न सुखा पाने वाले,

अक्सर,

बदलकर करवट,

ओढ़कर,

हवा की चादर,

बिछाकर,

रेंगते,

पानीं का बिस्तर,

सो‌ जाते होंगे।


बरसात में,

फुटपाथ के रखवाले,

कहां जाते होंगे।

~अमन