वो चांद देख कर मुसकुराती रही,
हम उसकी मुशकुराहट देख कर चुप रहें |
धड़कनें धड़क कर हर बार लेती रही नाम उनका,
हम अपनी दिल की सुन कर चुप रहे |
आंखें मिला कर उसने पुछा हमसे कि प्यार है या नहीं,
हम उनकी आंखों में खो कर चुप रहें |
उन्हें हमसे मोहब्बत नहीं था हम ये जानते थे....
वो बस अपनी बेचनी मिटाने, थोड़ी सी सुकू पाने के लिए मिलतें रहें,
हम बस उनके चेहरे पर उसी सुकून देखकर चुप रहें |
ऐसा नहीं की हमें उनसे मोहब्बत नहीं,
बस एक उनकी खुशियों का सोच कर हम चुप रहें |
:- Aman Thakur


