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सब कुछ पहले जैसा

Aman SinhaAman Sinha March 29, 2022
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कजरा वही गज़रा वही आँखों में है नर्मी वही

पायल वही झुमका वही साँसों में है गर्मी वही


टिका वही बिंदी वही गालो में है लाली वही

काजल वही कंगन वही कानो में है बाली वही

चुनड़ वही घागर वही कमर पर है गागर वही

ताल वही और चाल वही घुँघराले से बाल वही

रूप वही और रंग वही चोली अबी भी तंग वही

अंग वही और ढंग वही रहती हरदम है संग वही


तेज़ वही तेवर वही पहने हुए ज़ेवर वही

साज वही श्रृंगार वही रूप पर अपने नाज़ वही


बोली वही गाली वही नैनो की है दुनाली वही

दिलबर वही दिलदार वही है धड़कन की रफ़्तार वही


सुर वही सरगम वही गीतों के है बोल वही

बूँद वही बौछार वही अब भी उसका प्यार वही


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