अपनी किमती आसुओं को बेवजह यूं बर्बाद ना कर

जो तुझको भूलकर बैठा है तुभी उसको अब याद ना कर


जिसको तेरी कदर नहीं अब उसकी है फिकर करना क्या

उसकी बेबुनियादी वादों को अब सोच के आहें भरना क्या


जो दिल को तेरे तोड़ गया, अंजान गली में छोड़ गया

उसके कसमों का अब क्या करना तेरे पीठ के पीछे जो तोड़ गया


कर उन लम्हों को याद नहीं होठों पर रखना प्यास नहीं

जो चला गया ना लौटेगा तू भूल ना जाना ये बात कहीं


जाना हैं जिनको जाएंगे ना मुफ्त में प्यार लुटाएंगे 

उनके खातिर अपना दिल दुखाकर अब है करना क्या


तू भूल जा उन एहसासों को उन भूली-बिसरी बातों को

जिस रिश्ते में अब जान नहीं थामे रखकर उसे करना क्या?


अच्छा है उसने छोड़ दिया अपने हांथों दिल तोड़ दिया

तु भी जी लेगा उनके बिन जिसने साथ है तेरा छोड़ दिया


तु भी ज़िद में कुछ कम नहीं जाने का उसके गम नहीं

अब तु भी दिल में ठान ले के मूंह मोड लिया तो मोड लिया