ये जो दिल है ना, बड़ा ही नादान है

हर एक चेहरे को ये समझता अपनी जान है


किसी एक पर कभी अटकता हीं नहीं

बस घूमता ही रहता है कहीं ठहरता ही नहीं

 

टिकता नहीं कभी किसी एक ठिकाने पर

फिसल जाता है बस जरा सा मुसकुराने पर


आज इसका है कल ये किसी और का होगा

हर रात एक नए इश्क़ मे जाग रहा होगा 


तलब इसकी कभी घटती हीं नहीं

रात जितनी भी छोटी हो कटती हीं नहीं


रोज़ इसे प्यार के नए फ़साने चाहिए

दो लफ्ज़ हीं सही पर नए तराने चाहिये


अक्सर पाया है मैंने इसे यूं ही धड़कते हुए

कभी इसके तो कभी किसी और के लिए तड़पते हुए


हर तड़प मे मगर अलग मज़ा होता है

दर्द तो जैसे कोई मीठा सजा होता है

 

हर एक शख्स के लिए इसकी तड़प अलग होती है

हर चेहरे की लिए इसकी ललक अलग होती है


चेहरे देखकर ये अपने रंग बदल लेता है

किसी को प्यार तो किसी को दगा देता है

 

आवारा है ये इसका न कोई ठिकाना है

हर अलग इश्क़ का इसका अलग बहाना है


न रुका है कभी ना कभी रुक पाएगा

आवारा रहा है हमेशा आवारा ही रह जाएगा