लहराती गंडक के किनारे
खुले आसमां के नीचे
गुजरती शीतल हवाओं के बीच
यारों से मुलाकात करना,
हंसते मुस्कुराते हुए
एक दूसरे से मजाक करना
अच्छा लगता है
ये साथ बिताए गए
बेशकिमती पल
ये दोस्ती जैसे शुद्ध जल
ये जादुई बल
हम इक दूजे के मनोबल
महसूस करना अच्छा लगता है
कौन देगा ऐसे साथ जो ये देते है
गलती खुद की हो तो भी ये लड़ते है
कष्ट में हम हो तो वो दर्द सहते है
सब सबके जज़्बात समझते है
देखकर अच्छा लगता है
ये हो तो हिमालय चढ़ जाए
साथ हो तो कहीं अड़ जाए
ना हो कोई दोस्त तो
सोच सोच के मर जाए
इसलिए साथ हो तो
अच्छा लगता है।
इनके बिना पार्टी अधूरी
रिश्तेदार न हो लेकिन दोस्त जरूरी
चार यार मिल जाए तो
लूट ले महफ़िल पूरी
जान न हो तो चलता है
जहान न हो तो बुरा लगता है
इसलिए दोस्त होते है तो
अच्छा लगता है
~अमन


