खामखां उदास हो रहा हूं
उसके खोने के डर से रो रहा हूं..
ख़ैर वो खुश है अजनबियों के साथ
मै बस यूंही सो रहा हूं..
मुझे कोई फर्क न पड़ता जाने से उसके
फिर भी उसी की यादों में खो रहा हूं..
अब जाने वाले को कौन रोक सकता है
मगर उसकी बातों को पिरो रहा हूं.


खामखां उदास हो रहा हूं
उसके खोने के डर से रो रहा हूं..
ख़ैर वो खुश है अजनबियों के साथ
मै बस यूंही सो रहा हूं..
मुझे कोई फर्क न पड़ता जाने से उसके
फिर भी उसी की यादों में खो रहा हूं..
अब जाने वाले को कौन रोक सकता है
मगर उसकी बातों को पिरो रहा हूं.