अब तक ख़ामोश है, शायद सैयद बन गए है
गलतियों पे चुप रहना, उन्हें ही आता है बस...
हमें मालूम न था की रंग बदल सकते है आपके भी
गज़ब की कलाकारी थी, चेहरा बदलना भी उन्हें ही आता है बस..
कायदे से तो कसूरवार वो ही थे मगर
गुनाह की सजा देना भी, उन्हें ही आता है बस...


