जल जल के सब धुआं हुआ
जर्जर सड़क तो अब कुआं हुआ
रखे रखे सीमेंट अब जम सा गया
खैर छोड़ो , अब जो हुआ सो हुआ...
ठेकेदार सब पी जाए तो क्या हुआ
चौड़े रास्तों को संकीर्ण कर दे तो क्या हुआ
कमाई मोटी हो रही की नहीं खबर ये रखो
बाकी छोड़ो, जो हुआ सो हुआ..
करोड़ों में कुछ निकल जाय तो क्या हुआ
साहब खा-खा के बिना बने, बिल पास कर दे तो क्या हुआ
सारा खेल पद और कुर्सी का है,जो न बोले उसी का है
बाकी जो हो रहा होने दो, और जो हुआ सो हुआ...


