शहरी तामझाम

तुम्हारे शहरो में गायक होते होंगे,

हमारे यहां तो होते है गवईया

तुम्हारे हबी, हसबैंड होते होंगे

हमारे यहां तो होते है सईया।


तुम्हारे होते होंगे मैगी, चौमीन और पास्ता

हमारे यहां तो रोटी सब्जी से करते है नाश्ता

तुमने देखा होगा शहरों में फरारी

आओ भइया हम कराते है बैलगाड़ी की सवारी।


तुम AC, Cooler से हवा खाने वाले

कभी बैना हांक के हवा खाए हो,

अरे हटो जाओ यार, अंग्रेजी गाने सुनने वालो

कभी होली में फगुआ गाए हो।


 तुम अंकल अंकल चिल्लाने वाले लोग

कभी किसी को चच्चा कह के पुकारे हो

अरे हेल्लो हाय बोलने वाले लोग

कभी बाइक चलाते हुए आशीर्वाद स्वीकारे हो।


अरे आओ दिखाते है मस्ती गांव की

हमसे न सहा जाएगा ये जिंदगी शहरी तनाव की

चहारदीवारी में रहने वाले शहंशाहों

खुले आसमान के नीचे रहने वालो को, 

जरूरत नहीं तुम्हारे सुझाव की।


     ~अमन